ब्रेकिंग न्यूज़राज्य एवं शहर
परीक्षा केंद्र में नकल और लापरवाही मामले में 5 शिक्षक निलंबित
जिला शिक्षा अधिकारी महासमुंद की जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई कार्रवाई

महासमुंद। लोक शिक्षण संचालनालय छत्तीसगढ़ ने बोर्ड परीक्षा केंद्र में नकल और गंभीर लापरवाही के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 5 शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई जिला शिक्षा अधिकारी महासमुंद की जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है।
जारी आदेश के अनुसार स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी/हिंदी माध्यम विद्यालय भंवरपुर परीक्षा केंद्र क्रमांक 171031 में परीक्षा के दौरान परीक्षार्थियों की ठीक से जांच नहीं किए जाने के कारण एक छात्र इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस (डिजिटल कैमरा) लेकर परीक्षा कक्ष में प्रवेश कर गया। छात्र द्वारा परीक्षा का वीडियो एवं ऑडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया में प्रसारित किया गया, जिससे विभाग की छवि धूमिल हुई।
प्रारंभिक जांच में केंद्राध्यक्ष, सहायक केंद्राध्यक्ष एवं पर्यवेक्षकों की भूमिका संदिग्ध पाई गई। विभाग ने इसे छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के विपरीत गंभीर कदाचार माना है।
निलंबित किए गए कर्मचारियों में—
गंगा प्रसाद पटेल, व्याख्याता
अनिरुद्ध भोंई, व्याख्याता
दिनेश कुमार दास, व्याख्याता
दुर्गाप्रसाद पटेल, सहायक शिक्षक एलबी
विभिषण बड़क, नियमित भृत्य
शामिल हैं।
जारी आदेश के अनुसार स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी/हिंदी माध्यम विद्यालय भंवरपुर परीक्षा केंद्र क्रमांक 171031 में परीक्षा के दौरान परीक्षार्थियों की ठीक से जांच नहीं किए जाने के कारण एक छात्र इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस (डिजिटल कैमरा) लेकर परीक्षा कक्ष में प्रवेश कर गया। छात्र द्वारा परीक्षा का वीडियो एवं ऑडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया में प्रसारित किया गया, जिससे विभाग की छवि धूमिल हुई।
प्रारंभिक जांच में केंद्राध्यक्ष, सहायक केंद्राध्यक्ष एवं पर्यवेक्षकों की भूमिका संदिग्ध पाई गई। विभाग ने इसे छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के विपरीत गंभीर कदाचार माना है।
निलंबित किए गए कर्मचारियों में—
गंगा प्रसाद पटेल, व्याख्याता
अनिरुद्ध भोंई, व्याख्याता
दिनेश कुमार दास, व्याख्याता
दुर्गाप्रसाद पटेल, सहायक शिक्षक एलबी
विभिषण बड़क, नियमित भृत्य
शामिल हैं।
लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि निलंबन अवधि में सभी कर्मचारियों का मुख्यालय जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय महासमुंद रहेगा तथा उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।
यह आदेश 12 मई 2026 को संचालक लोक शिक्षण छत्तीसगढ़ द्वारा जारी किया गया।
Was this article helpful?
YesNo




