खेत में उतरकर कलेक्टर ने किया डिजिटल क्रॉप सर्वे का निरीक्षण, अधिकारियों को शत-प्रतिशत शुद्धता से काम पूरा करने के निर्देश
बेंद्रीडीह, खैरझिटी, तोरला, पतेरापाली और दारगांव पहुंचे कलेक्टर विनय कुमार लंगेह; जिले में 5.33 लाख प्लॉट का सर्वे पूरा

महासमुंद, 2 सितंबर 2026। जिले में चल रहे डिजिटल क्रॉप सर्वे (DCS) की जमीनी स्थिति जानने के लिए कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने बुधवार को महासमुंद और बागबाहरा अनुविभाग के विभिन्न गांवों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने खेतों में पहुंचकर डिजिटल क्रॉप सर्वे की प्रक्रिया का मौके पर अवलोकन किया और स्वयं सर्वे कर डिजिटल माध्यम से फसल संबंधी जानकारी दर्ज करने की प्रक्रिया को समझा। कलेक्टर ने राजस्व अधिकारियों एवं सर्वेयरों को सर्वे कार्य पूरी शुद्धता और गंभीरता के साथ निर्धारित समय-सीमा में शत-प्रतिशत पूरा करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने महासमुंद अनुविभाग के अंतर्गत उप तहसील तुमगांव के ग्राम बेंद्रीडीह, खैरझिटी तथा पटेवा उप तहसील के ग्राम तोरला में ग्रामीणों के खेतों में पहुंचकर डिजिटल क्रॉप सर्वे का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने खेतों में किए जा रहे सर्वे की प्रक्रिया देखी और संबंधित अधिकारियों से आवश्यक जानकारी ली।
सर्वेयरों से जानी फील्ड की समस्याएं
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर लंगेह ने मौके पर मौजूद सर्वेयरों से फील्ड में डिजिटल क्रॉप सर्वे करते समय आने वाली समस्याओं और चुनौतियों के संबंध में चर्चा की। उन्होंने सर्वेयरों को निर्देशित किया कि सर्वे के दौरान प्रत्येक खेत और फसल से संबंधित जानकारी को सावधानीपूर्वक दर्ज किया जाए।
उन्होंने कहा कि डिजिटल क्रॉप सर्वे में फसल एवं कृषि भूमि की जानकारी का सही और सटीक दर्ज होना बेहद जरूरी है। किसी भी प्रकार की त्रुटि से बचने के लिए सर्वेयर मौके पर उपलब्ध वास्तविक स्थिति के आधार पर जानकारी दर्ज करें।
इस दौरान महासमुंद एसडीएम अक्षा गुप्ता, बागबाहरा एसडीएम शुभम देव सहित संबंधित तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक और पटवारी मौजूद रहे।
कलेक्टर ने स्वयं किया डिजिटल क्रॉप सर्वे
निरीक्षण के अगले चरण में कलेक्टर बागबाहरा विकासखंड के ग्राम पतेरापाली एवं दारगांव पहुंचे। यहां उन्होंने स्वयं डिजिटल क्रॉप सर्वे की प्रक्रिया का अवलोकन किया और मौके पर सर्वे करते हुए डिजिटल माध्यम से फसल संबंधी जानकारी दर्ज करने की प्रक्रिया देखी।
कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों से सर्वे कार्य की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि डीसीएस सर्वेक्षण में किसी भी तरह की लापरवाही या त्रुटि नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक खेत और उसमें लगी फसल की जानकारी का सर्वे पूरी सावधानी एवं शुद्धता के साथ किया जाए। इससे जिले में डिजिटल क्रॉप सर्वे का कार्य निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप पूरा किया जा सकेगा।
जिले में 9.70 लाख से अधिक प्लॉट चिन्हांकित
जिले की छह तहसीलों में डिजिटल क्रॉप सर्वे का कार्य जारी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार जिले में कुल 9 लाख 70 हजार 925 प्लॉट चिन्हांकित किए गए हैं। इनमें से 94.32 प्रतिशत प्लॉट असाइन किए जा चुके हैं।
वहीं अब तक जिले में करीब 5 लाख 33 हजार प्लॉट का सर्वे पूरा किया जा चुका है। कलेक्टर ने सर्वे की प्रगति की समीक्षा करते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को कार्य में तेजी लाने के साथ-साथ गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए।
पटवारियों को अप्रूवल रेट बढ़ाने के निर्देश
कलेक्टर ने डिजिटल क्रॉप सर्वे के बाद होने वाली प्रक्रिया की भी समीक्षा की। उन्होंने सभी पटवारियों को अप्रूवल रेट बढ़ाने के निर्देश दिए, ताकि सर्वे किए गए प्लॉट का कार्य समय पर आगे बढ़ सके।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि डिजिटल क्रॉप सर्वे केवल लक्ष्य पूरा करने तक सीमित न रहे, बल्कि दर्ज की जा रही जानकारी की शुद्धता भी सुनिश्चित की जाए। प्रत्येक खेत की वास्तविक स्थिति के अनुरूप फसल संबंधी जानकारी दर्ज करने पर विशेष ध्यान दिया जाए।
कलेक्टर ने कहा कि डिजिटल क्रॉप सर्वे से संबंधित कार्यों में अधिकारियों, कर्मचारियों और सर्वेयरों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। उन्होंने फील्ड में आने वाली समस्याओं का समय पर समाधान करते हुए सर्वे कार्य को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने पर जोर दिया।
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