सड़कों पर मवेशियों से होने वाले हादसे रोकने चलेगा संयुक्त अभियान, ब्लैक स्पॉट पर होंगे सुधारात्मक कार्य
सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में लिए गए अहम फैसले, बिना हेलमेट 22,358 और बिना सीट बेल्ट के 426 प्रकरण दर्ज

महासमुंद, 8 सितंबर 2026। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी अनुपमा आनंद ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में समय-सीमा की बैठक के बाद सड़क सुरक्षा समिति की बैठक ली। बैठक में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, यातायात व्यवस्था को मजबूत करने और आमजन में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने को लेकर संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में अपर कलेक्टर सचिन भूतड़ा, सड़क सुरक्षा समिति के सदस्य तथा विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में रात्रि के समय सड़कों पर विचरण करने वाले मवेशियों से होने वाली दुर्घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए जिला पंचायत सीईओ ने इस दिशा में संयुक्त अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने जनपद पंचायतों के सीईओ, नगरीय निकायों के सीएमओ, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई), पशुपालन विभाग और यातायात विभाग को आपसी समन्वय से सड़कों पर घूमने वाले मवेशियों को हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित करने कहा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सड़क पर छोड़े गए मवेशियों के पशु मालिकों की पहचान कर उन्हें समझाइश दी जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर उनके विरुद्ध कार्रवाई भी की जाए। प्रशासन का उद्देश्य सड़क पर आवारा अथवा विचरण कर रहे मवेशियों के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोकना और वाहन चालकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
ब्लैक स्पॉट पर होंगे सुधारात्मक कार्य
बैठक में जिले के चिन्हित ब्लैक स्पॉट और नवीन दुर्घटना संभावित स्थलों की समीक्षा भी की गई। सीईओ अनुपमा आनंद ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, लोक निर्माण विभाग तथा नगरीय एवं ग्रामीण निकायों को दुर्घटना संभावित स्थानों का चिन्हांकन कर वहां आवश्यक सुधारात्मक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा सड़कों पर ओवरलोड संचालित हो रहे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश भी संबंधित विभागों को दिए गए। अधिकारियों से कहा गया कि सड़क सुरक्षा से जुड़े सभी दिशा-निर्देशों का गंभीरता से पालन सुनिश्चित करें और विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्रवाई करें।
स्कूलों के माध्यम से पालकों को करेंगे जागरूक
सड़क सुरक्षा को लेकर केवल कार्रवाई ही नहीं, बल्कि जनजागरूकता पर भी जोर दिया गया। सीईओ ने स्कूलों में विद्यार्थियों के माध्यम से उनके पालकों से संपर्क स्थापित कर यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों और उनके परिवारों को यातायात नियमों की जानकारी देने से सड़क सुरक्षा के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी की भावना विकसित की जा सकती है।
उन्होंने यातायात विभाग को हेलमेट नहीं पहनने तथा अन्य यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध ई-चालान की प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा गया कि सड़क सुरक्षा से जुड़े निर्देशों को केवल कागजों तक सीमित न रखते हुए उनका मैदानी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
आठ महीने में बिना हेलमेट के 22 हजार से अधिक मामले
बैठक में जिला परिवहन अधिकारी प्रतीक शुक्ला ने सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के उल्लंघन पर की गई कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 1 जनवरी से अगस्त 2026 तक बिना हेलमेट वाहन चलाने के 22 हजार 358 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। इसी अवधि में बिना सीट बेल्ट के 426 प्रकरण दर्ज किए गए।
उन्होंने बताया कि पीएम राहत योजना के अंतर्गत कुल 44 प्रकरणों में से 28 प्रकरण स्वीकृत किए गए हैं। वहीं शराब पीकर वाहन चलाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए 35 प्रकरण दर्ज किए गए और 3 लाख 40 हजार रुपए की वसूली की गई है।
बैठक में सड़क सुरक्षा को लेकर विभागों के बीच बेहतर समन्वय, नियमों के पालन और दुर्घटनाओं को कम करने के लिए लगातार कार्रवाई करने पर जोर दिया गया। प्रशासन की ओर से दुर्घटना संभावित स्थानों में सुधार के साथ-साथ मवेशियों के कारण होने वाले हादसों को रोकने और यातायात नियमों के प्रति लोगों को जागरूक करने की दिशा में भी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
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