ब्रेकिंग न्यूज़राज्य एवं शहर

गांव के 301 घरों में पहुंच रहा शुद्ध पेयजल

हर घर जल योजना से ग्राम देवलभांठा में जल की समस्या का हुआ स्थायी समाधान

महासमुंद / जिले के विकासखंड सरायपाली से 12 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम पंचायत देवलभांठा में आज हर घर जल योजना के सफल क्रियान्वयन से ग्रामीणां को जल संकट से मुक्ति मिली है। ग्रामीण जन बताते है कि इससे पहले पानी के लिए हैंडपंप और सीमित जल स्रोतों पर निर्भर रहते थे और आज हर घर में नल के माध्यम से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो रहा है। इस योजना के तहत ग्राम के कुल 301 घरों में नल कनेक्शन प्रदान किए गए, जिससे अब प्रत्येक परिवार को घर बैठे स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल मिल रहा है। इस उल्लेखनीय उपलब्धि के चलते ग्राम देवलभांठा को 10 दिसम्बर 2025 को हर घर जल प्रमाणित घोषित किया गया।
पूर्व में गांव में 4 हैंडपंप और 1 पावर पंप की व्यवस्था थी, लेकिन बढ़ती आबादी और जल की बढ़ती आवश्यकता को देखते हुए यह पर्याप्त नहीं था। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए हर घर जल योजना के अंतर्गत लगभग 79.68 लाख रुपये की लागत से एक सुदृढ़ पानी टंकी का निर्माण किया गया। साथ ही करीब 2960 मीटर लंबी पाइपलाइन बिछाकर पूरे गांव में जल आपूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित की गई। इस सफलता के पीछे ग्राम की सरपंच श्रीमती त्रिपुरा बिशी का विशेष योगदान रहा। उनके नेतृत्व में ग्रामीणों को जागरूक किया गया और योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया गया। साथ ही गांव में विलेज वाटर एंड सेनिटेशन कमिटी का गठन किया गया, जिससे जल का संचालन और संधारण किया जा रहा है।

  दरबेकेरा लिफ्ट सिंचाई योजना से 227 किसानों को मिला बड़ा लाभ

ग्रामीणों को किया गया जागरूक

ग्रामीणों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया तथा जल कर (यूजर चार्ज) देने के लिए प्रेरित किया गया, जिससे योजना की दीर्घकालिक स्थिरता बनी रहे।
योजना से लाभान्वित हितग्राही श्रीमती सत्यभामा बताती हैं कि पहले उन्हें दूर-दराज से पानी लाना पड़ता था, जिससे समय और श्रम दोनों की हानि होती थी। अब घर में ही नल से पानी मिलने से उनका जीवन काफी आसान हो गया है और दैनिक दिनचर्या में सकारात्मक बदलाव आया है।

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now
Was this article helpful?
YesNo

Live Cricket Info

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button