
महासमुंद। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘डिजिटल इंडिया’ अभियान और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन व पारदर्शिता के संकल्प को साकार करते हुए महासमुंद जिला प्रशासन ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। जिले के लगभग सभी विभागों में अब पारंपरिक कागजी फाइलों की जगह ई-ऑफिस (e-Office) प्रणाली ने ले ली है।
1366 कर्मचारी ऑनबोर्ड, 5500 से अधिक फाइलें हुईं डिजिटल
कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के कुशल मार्गदर्शन में महासमुंद जिला ई-गवर्नेंस की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। जिले के 1366 अधिकारियों और कर्मचारियों को इस पोर्टल पर ऑनबोर्ड किया जा चुका है। अब तक 5,500 से अधिक फाइलों का संचालन डिजिटल माध्यम से सफलतापूर्वक किया जा चुका है, जो प्रशासनिक दक्षता में आए सुधार का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
पारदर्शिता और जवाबदेही में होगा इजाफा
ई-ऑफिस प्रणाली लागू होने से अब किसी भी फाइल की स्थिति (Status) को ऑनलाइन ट्रैक करना आसान हो गया है। इससे यह स्पष्ट रहेगा कि फाइल किस अधिकारी के पास और कितने समय से लंबित है। कलेक्टर स्वयं साप्ताहिक समय-सीमा (TL) की बैठकों में विभागवार प्रगति की समीक्षा कर रहे हैं। अब वित्तीय स्वीकृतियों से लेकर छोटी नोटशीट तक सब कुछ ऑनलाइन दर्ज किया जा रहा है।
प्रशिक्षण से मिली मजबूती
इस नई व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए प्रशासन ने अधिकारी-कर्मचारियों को तीन चरणों में विशेष प्रशिक्षण दिया है। फाइल निर्माण, डिजिटल नोटशीट लेखन और दस्तावेज अपलोड करने में कर्मचारियों को दक्ष बनाया गया है। तकनीकी बाधाओं को दूर करने के लिए एनआईसी (NIC) की टीम लगातार सहयोग कर रही है।
समय की बचत और सुशासन का संकल्प
ई-ऑफिस के माध्यम से न केवल कागजों की खपत कम होगी, बल्कि फाइलों के गुम होने का डर भी खत्म हो जाएगा। शासन की मंशा है कि भविष्य में सभी पत्राचार केवल इसी माध्यम से हों।
महासमुंद जिले की यह पहल प्रदेश में ‘स्मार्ट गवर्नेंस’ और भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन की दिशा में एक मिल का पत्थर साबित हो रही है।




