सोनदादर में धूमधाम से मनाई गई तुलसीदास जयंती, मानस गायन से भक्तिमय हुआ पूरा गांव
भव्य मानस गायन में गूंजी रामचरितमानस की चौपाइयां, बड़ी संख्या में जुटे श्रद्धालु

बागबाहरा, महासमुंद, छत्तीसगढ़ | ग्राम सोनदादर में गोस्वामी तुलसीदास जयंती श्रद्धा, उत्साह और धार्मिक वातावरण के बीच धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर भव्य मानस गायन कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न मानस मंडलियों ने श्रीरामचरितमानस की चौपाइयों का संगीतमय गायन प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, ग्रामीणजन और मानस प्रेमी शामिल हुए।
मानस गायन से भक्तिमय हुआ सोनदादर का वातावरण
तुलसीदास जयंती के अवसर पर आयोजित मानस गायन कार्यक्रम ने पूरे ग्राम सोनदादर को भक्ति के रंग में रंग दिया। विभिन्न मानस मंडलियों द्वारा भगवान श्रीराम के जीवन, आदर्शों और भक्ति से जुड़ी चौपाइयों का भावपूर्ण गायन किया गया। पारंपरिक वाद्ययंत्रों और संगीतमय प्रस्तुतियों के बीच श्रद्धालु देर तक भक्ति रस में डूबे रहे। आयोजन के दौरान रामायण के संदेशों और सामाजिक मूल्यों को भी याद किया गया।
पूर्व जनपद उपाध्यक्ष मुकेश यादव रहे मुख्य अतिथि
धार्मिक आयोजन में पूर्व जनपद उपाध्यक्ष मुकेश यादव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता छुईहा ग्राम पंचायत की सरपंच श्रीमती एसकुमारी प्रीतम यादव ने की। अतिथियों ने आयोजन स्थल पर पहुंचकर मानस मंडलियों और उपस्थित श्रद्धालुओं का उत्साहवर्धन किया। ग्रामीणों ने अतिथियों का आत्मीय स्वागत किया और धार्मिक व सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाने के लिए ऐसे आयोजनों की निरंतरता पर जोर दिया।
श्रीरामचरितमानस को बताया जीवन मूल्यों का मार्गदर्शक
मुख्य अतिथि मुकेश यादव ने अपने संबोधन में कहा कि संत गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित श्रीरामचरितमानस केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाला मार्गदर्शक है। इसमें आदर्श जीवन, परिवार, समाज, कर्तव्य और मानवीय मूल्यों की शिक्षा समाहित है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन सत्य, मर्यादा और कर्तव्यनिष्ठा का संदेश देता है, जिसे वर्तमान पीढ़ी तक पहुंचाना आवश्यक है।
धार्मिक आयोजनों से मजबूत होती है सामाजिक एकता
मुकेश यादव ने कहा कि गांवों में होने वाले धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन केवल आस्था तक सीमित नहीं रहते, बल्कि समाज को जोड़ने का भी महत्वपूर्ण माध्यम बनते हैं। ऐसे कार्यक्रमों से लोगों के बीच आपसी प्रेम, भाईचारा और सद्भाव बढ़ता है। उन्होंने आयोजन समिति और ग्रामवासियों की सराहना करते हुए कहा कि समाज की सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक परंपराओं को जीवंत बनाए रखने में सामूहिक आयोजनों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
बड़ी संख्या में शामिल हुए ग्रामीण और मानस प्रेमी
कार्यक्रम में किशन दिवान, ग्राम गौटिया, नेतराम दिवान, ग्राम अध्यक्ष, पतित यादव, मीडिया प्रभारी यादव समाज, विनोद दिवान, रोहित ठाकुर, यशराम साहू, करन ठाकुर, देवनारायण दिवान, पवन ध्रुव, माखन दिवान, रमन यादव, किसलाल दिवान, मोहम्मद खान, हीराराम दिवान, नरेंद्र सेन और कांशीराम शर्मा सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी एवं मानस प्रेमी उपस्थित रहे। सभी ने मानस गायन का आनंद लिया और आयोजन की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की।
संस्कृति और परंपरा को सहेजने का संदेश
सोनदादर में आयोजित तुलसीदास जयंती समारोह ने धार्मिक आस्था के साथ सांस्कृतिक एकता का भी संदेश दिया। मानस गायन के माध्यम से नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और रामायण के आदर्शों से जोड़ने का प्रयास किया गया। ग्रामीणों का कहना रहा कि इस तरह के आयोजन गांव की सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करते हैं तथा लोगों को एक मंच पर लाकर आपसी सहयोग और सद्भाव की भावना को बढ़ावा देते हैं।
सफल आयोजन के साथ भक्तिमय माहौल में संपन्न हुआ कार्यक्रम
मानस मंडलियों की मधुर प्रस्तुतियों और श्रद्धालुओं की सहभागिता के साथ कार्यक्रम भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुआ। आयोजन के दौरान पूरे गांव में उत्साह का माहौल बना रहा। ग्रामीणों और आयोजकों ने भविष्य में भी ऐसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही, ताकि समाज की परंपराएं मजबूत हों और युवा पीढ़ी अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी रहे।
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