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महासमुंद में अनूठी पहल: ईंधन संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा का संदेश देने बस से समाधान शिविर रवाना हुए अधिकारी
अधिकारियों ने कहा कि यह एक बेहद सकारात्मक शुरुआत

महासमुंद, 22 मई 2026:महासमुंद जिला प्रशासन ने पर्यावरण संरक्षण और शासकीय खर्चों में कटौती को लेकर एक अनुकरणीय पहल की है। ‘सुशासन तिहार’ के अंतर्गत आज कलेक्ट्रेट परिसर से जिला स्तरीय अधिकारियों की एक टीम को समाधान शिविर के लिए बस के जरिए रवाना किया गया। कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने इस सामूहिक बस यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
ईंधन बचत और पर्यावरण सुरक्षा का बड़ा संदेश
इस सामूहिक बस यात्रा के माध्यम से जिला प्रशासन ने ईंधन संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और शासकीय कार्यों में मितव्ययिता (कम खर्च) का एक मजबूत संदेश दिया है। अलग-अलग सरकारी वाहनों के बजाय सभी अधिकारियों के एक ही बस में सफर करने से न सिर्फ ईंधन की भारी बचत होगी, बल्कि कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी।
इस सामूहिक बस यात्रा के माध्यम से जिला प्रशासन ने ईंधन संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और शासकीय कार्यों में मितव्ययिता (कम खर्च) का एक मजबूत संदेश दिया है। अलग-अलग सरकारी वाहनों के बजाय सभी अधिकारियों के एक ही बस में सफर करने से न सिर्फ ईंधन की भारी बचत होगी, बल्कि कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी।

प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की अपील का असर
इस अवसर पर कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने कहा, “देश के प्रधानमंत्री और राज्य के मुख्यमंत्री द्वारा पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा बचत और संसाधनों के सही उपयोग के लिए लगातार अपील की जा रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए महासमुंद जिला प्रशासन ने यह नई पहल की है। अधिकारियों और कर्मचारियों को सामूहिक रूप से बस से शिविर स्थल भेजने का निर्णय इसी कड़ी का हिस्सा है।”
इस अवसर पर कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने कहा, “देश के प्रधानमंत्री और राज्य के मुख्यमंत्री द्वारा पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा बचत और संसाधनों के सही उपयोग के लिए लगातार अपील की जा रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए महासमुंद जिला प्रशासन ने यह नई पहल की है। अधिकारियों और कर्मचारियों को सामूहिक रूप से बस से शिविर स्थल भेजने का निर्णय इसी कड़ी का हिस्सा है।”
अधिकारियों ने किया स्वागत
जिला प्रशासन की इस पहल का वहां मौजूद सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने खुलकर स्वागत किया। अधिकारियों ने कहा कि यह एक बेहद सकारात्मक शुरुआत है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे भविष्य में भी ‘सुशासन तिहार’ और अन्य शासकीय कार्यक्रमों में जाने के लिए व्यक्तिगत वाहनों के स्थान पर सामूहिक बस यात्रा को ही प्राथमिकता देंगे।
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