भवन अनुमति में मनमानी का आरोप: न्याय नहीं मिला तो सीएमओ चेंबर में अनशन पर बैठेंगे डॉ. विमल चोपड़ा
पूर्व विधायक ने नगर पालिका प्रशासन पर लगाया लालफीताशाही का आरोप, पीड़ित आवेदक के समर्थन में 17 जुलाई को होगा आंदोलन

महासमुंद। नगर पालिका परिषद महासमुंद में भवन निर्माण अनुमति को लेकर प्रशासनिक मनमानी और अनावश्यक देरी के आरोपों ने तूल पकड़ लिया है। आरोप है कि टाउन एंड कंट्री प्लानिंग सहित सभी आवश्यक विभागों से अनुमति एवं अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त होने के बावजूद नगर पालिका प्रशासन द्वारा भवन निर्माण की फाइलों को बिना किसी स्पष्ट कारण के लंबित रखा जा रहा है।
बताया जा रहा है कि इससे आम नागरिकों को बार-बार नगर पालिका कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं और उन्हें मानसिक एवं आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसी कड़ी में आवेदक ललित कुमार लहरे की भवन निर्माण अनुमति संबंधी फाइल भी लंबे समय से लंबित है।
पालिका प्रशासन के प्रति लोगों में नाराजगी
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि अधिकारियों द्वारा बाजू की जमीन का हवाला देते हुए अतिरिक्त मार्गदर्शन एवं जानकारी मांगी जा रही है, जबकि संबंधित प्रक्रिया पहले ही पूरी की जा चुकी है और सभी आवश्यक दस्तावेज भी प्रस्तुत किए जा चुके हैं। इसके बावजूद फाइल का निराकरण नहीं होने से नगर पालिका प्रशासन के प्रति लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
पीड़ित के साथ अनशन पर बैठेंगे
मामले को गंभीरता से लेते हुए महासमुंद के पूर्व विधायक एवं भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य डॉ. विमल चोपड़ा ने नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि पीड़ित आवेदक को शीघ्र न्याय नहीं मिला तो वे 17 जुलाई को सुबह 11 बजे मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) के चेंबर में पीड़ित के साथ अनशन पर बैठेंगे।
डॉ. चोपड़ा ने कहा कि नगर पालिका की मनमानी, लालफीताशाही और आम जनता के साथ हो रही प्रताड़ना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक पीड़ित को न्याय नहीं मिलेगा और उसकी फाइल का नियमानुसार निराकरण नहीं किया जाएगा, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
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