महतारी वंदन योजना: ई-केवायसी में गड़बड़ी पर प्रशासन सख्त
4 सीएससी सेंटर की आईडी ब्लॉक

महासमुंद, 13 मई 2026। महतारी वंदन योजना के अंतर्गत महिलाओं के ई-केवायसी कार्य में अवैध रूप से शुल्क वसूली की शिकायतों पर जिला प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देश पर जांच के बाद जिले के 4 सीएससी संचालकों की आईडी ब्लॉक कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार, महतारी वंदन योजना के तहत महिला हितग्राहियों का ई-केवायसी कार्य कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से किया जा रहा है। पिछले कुछ दिनों से मीडिया एवं अन्य माध्यमों से यह शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ सीएससी संचालक ई-केवायसी के नाम पर महिलाओं से पैसे वसूल रहे हैं।
मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर के निर्देश पर रायपुर से प्रोजेक्ट मैनेजर की टीम महासमुंद पहुंची और शिकायतों की जांच की। जांच में शिकायत सही पाए जाने पर जिले के 4 सीएससी संचालकों की आईडी महतारी वंदन योजना के कार्य के लिए तत्काल प्रभाव से ब्लॉक कर दी गई।
हितग्राही से शुल्क लेना नियम विरुद्ध
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि महतारी वंदन योजना के तहत ई-केवायसी की प्रक्रिया पूरी तरह निशुल्क है। किसी भी हितग्राही से शुल्क लेना नियम विरुद्ध है। अधिकारियों ने आमजन से अपील की है कि यदि किसी ग्राम पंचायत, वार्ड कार्यालय या सीएससी सेंटर में ई-केवायसी के नाम पर पैसे मांगे जाते हैं, तो इसकी शिकायत तत्काल प्रशासन को दें, ताकि संबंधित संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके।
इन संचालकों की हुई आईडी ब्लाक
जिन सीएससी संचालकों की आईडी ब्लॉक की गई है, उनमें सरायपाली क्षेत्र के परशुराम रात्रे, राजू बरिहा और नरहरि कुमार के अलावा बसना की वृंदावती भोई शामिल हैं।
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि भविष्य में भी शिकायत मिलने पर संबंधित सीएससी सेंटर की आईडी निरस्त करने की कार्रवाई जारी रहेगी।
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