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महासमुंद मंडी में 7 मई से फिर गूंजेगी रौनक
किसानों को मिलेगा उपज का सही दाम

महासमुंद। क्षेत्र के किसानों के लिए राहत भरी खबर है। किसानों की सुविधा और उन्हें उनकी उपज का वाजिब दाम दिलाने के मकसद से कृषि उपज मंडी महासमुंद 7 मई 2026 से फिर से शुरू होने जा रही है। इस निर्णय को लेकर मंडी परिसर में एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें मंडी के सुचारू संचालन और किसानों को मिलने वाली सुविधाओं पर विस्तार से रणनीति बनाई गई।

बैठक में रणनीति बनाई गई
मंडी संचालन को लेकर आयोजित इस बैठक में जिला पंचायत सदस्य और किसान नेता जागेश्वर ‘जुगनू’ चंद्राकर, राइस मिलर एसोसिएशन के अध्यक्ष पारस चोपड़ा, मंडी सचिव पुराण कश्यप और मंडी हमाल संघ के अध्यक्ष प्रमुख रूप से शामिल हुए। साथ ही देवदत्त चंद्राकर, पवन चंद्राकर, दिलीप चंद्राकर, नेतन पटेल सहित बड़ी संख्या में किसान और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
मंडी संचालन को लेकर आयोजित इस बैठक में जिला पंचायत सदस्य और किसान नेता जागेश्वर ‘जुगनू’ चंद्राकर, राइस मिलर एसोसिएशन के अध्यक्ष पारस चोपड़ा, मंडी सचिव पुराण कश्यप और मंडी हमाल संघ के अध्यक्ष प्रमुख रूप से शामिल हुए। साथ ही देवदत्त चंद्राकर, पवन चंद्राकर, दिलीप चंद्राकर, नेतन पटेल सहित बड़ी संख्या में किसान और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
किसान नेता की अपील: मंडी में ही बेचें उपज
जिला पंचायत सदस्य और किसान नेता जागेश्वर ‘जुगनू’ चंद्राकर ने क्षेत्र के किसानों से अपील की है कि वे अपनी फसल बेचने के लिए महासमुंद मंडी प्रांगण ही आएं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मंडी में किसानों के लिए पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
जिला पंचायत सदस्य और किसान नेता जागेश्वर ‘जुगनू’ चंद्राकर ने क्षेत्र के किसानों से अपील की है कि वे अपनी फसल बेचने के लिए महासमुंद मंडी प्रांगण ही आएं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मंडी में किसानों के लिए पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
मंडी में मिलेंगी ये खास सुविधाएं:
मंडी समिति ने किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए कई सुविधाओं का दावा किया है:
मंडी समिति ने किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए कई सुविधाओं का दावा किया है:
- सटीक तौल: उपज की तौल के लिए विश्वसनीय व्यवस्था।
- त्वरित भुगतान: फसल बेचने के 24 से 48 घंटे के भीतर भुगतान।
- सुरक्षा की गारंटी: मंडी समिति स्वयं भुगतान की गारंटी लेगी।
- उपज की सुरक्षा: मंडी परिसर में फसल के रखरखाव और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम।
श्री चंद्राकर ने जोर देकर कहा कि मंडी का विकास और किसानों का सम्मान ही उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि किसान भाई बड़ी संख्या में पहुँचकर इस सरकारी व्यवस्था का लाभ उठाएंगे।
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