वार्डवासियों ने श्रमदान कर बदला पिटियाझर तालाब का स्वरूप
वार्डवासियों ने प्रशासन के भरोसे बैठने के बजाय खुद हाथों में फावड़ा और टोकरी उठा ली

महासमुंद। कहते हैं कि अगर इरादे नेक हों और जनशक्ति साथ हो, तो दशकों पुरानी समस्या भी घुटने टेक देती है। कुछ ऐसा ही नजारा महासमुंद के पिटियाझर तालाब में देखने को मिल रहा है, जहाँ वार्डवासियों ने प्रशासन के भरोसे बैठने के बजाय खुद हाथों में फावड़ा और टोकरी उठा ली है।
पिछले चार दिनों से यहाँ सफाई का महाभियान जारी है। भारी मात्रा में जमा दलदल और जलकुंभी की वजह से तालाब का अस्तित्व खतरे में था, जिसे अब युवाओं और बुजुर्गों की टोली मिलकर संवार रही है।

वार्ड विकास मंच की अगुवाई में जुटी टीम
इस नेक कार्य में वार्ड विकास मंच के सदस्य और स्थानीय नागरिक पूरी ऊर्जा के साथ जुटे हैं। सफाई अभियान में मुख्य रूप से जितेंद्र साहू, कुंदन साहू, टीकम ध्रुव, माखन साहू, यशवंत सोनवानी, प्रकाश वर्मा, डिलेंद्र ध्रुव, रवि पटेल, सनत पटेल, जितेंद्र पटेल, जय प्रकाश यादव और कुबेर सेन सहित बड़ी संख्या में वार्डवासी पसीना बहा रहे हैं।

8 वार्डों की ‘लाइफलाइन’ है यह तालाब
पिटियाझर तालाब का महत्व इसलिए भी अधिक है क्योंकि करीब 8 वार्डों के लोग अपनी रोजमर्रा की निस्तारी के लिए इसी पर निर्भर हैं। गंदगी के कारण लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। वार्ड विकास मंच के इस प्रयास की अब पूरे मोहल्ले में सराहना हो रही है।

प्रशासन से उचित पहल की उम्मीद
श्रमदान कर रहे युवाओं और मंच के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नागरिकों ने अपना फर्ज निभा दिया है, लेकिन अब बारी जिला प्रशासन की है। उन्होंने माँग की है कि प्रशासन तालाब के स्थायी संरक्षण और सौंदर्यीकरण के लिए उचित कदम उठाए, ताकि भविष्य में दोबारा ऐसी स्थिति निर्मित न हो।
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