ओजस एग्रो केमिकल एवं जेनिथ एग्रीजोन बिरकोनी का औचक निरीक्षण, अनियमितताओं पर कार्रवाई
स्टॉक में विसंगति से लेकर गुणवत्ता प्रमाण-पत्र और लाइसेंस संबंधी कमियां मिलीं, दोनों संस्थानों के उत्पादों की बिक्री पर 20 दिन की रोक

महासमुंद, 14 अगस्त 2026। संचालक कृषि, रायपुर एवं कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार राज्य एवं जिला स्तरीय निरीक्षण दल ने महासमुंद के बिरकोनी स्थित कीटनाशी विनिर्माण इकाइयों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जेनिथ एग्रीजोन प्रा.लि., बिरकोनी एवं ओजस एग्रो केमिकल, बिरकोनी में प्रथम दृष्टया विभिन्न अनियमितताएं एवं कमियां पाई गईं।
उप संचालक कृषि एफ.आर. कश्यप के मार्गदर्शन में हुई इस कार्रवाई के दौरान दोनों संस्थानों से गुणवत्ता परीक्षण के लिए कीटनाशी एवं उर्वरक उत्पादों के नमूने लिए गए। संबंधित संस्थानों को अनियमितताओं के संबंध में एक सप्ताह के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का नोटिस जारी किया गया है। साथ ही संबंधित उत्पादों के विक्रय पर 20 दिवस के लिए प्रतिबंध लगाया गया है।
जेनिथ एग्रीजोन में स्टॉक संधारण में मिली विसंगति
निरीक्षण दल ने जेनिथ एग्रीजोन प्रा.लि., बिरकोनी का निरीक्षण किया। इस दौरान स्टॉक संधारण में विसंगति पाई गई। संस्था की क्वालिटी कंट्रोल लेबोरेटरी भी अक्रियाशील मिली।
निरीक्षण में खरीदी एवं अवसान तिथि तथा निर्मित उत्पादों की पृथक पहचान और व्यवस्थित भंडारण के लिए भी समुचित व्यवस्था नहीं पाई गई।
इसके अलावा लाइसेंस एवं अभिलेखों में दर्ज उत्पादों से भिन्न जैव उत्प्रेरक का उत्पादन किया जाना भी पाया गया।
उर्वरक उत्पादों के दस्तावेज नहीं किए गए प्रस्तुत
निरीक्षण के दौरान एनपीके 19:19:19, एमएपी 12:61:00 एवं पोटेशियम नाइट्रेट 13:00:45 के भंडारण तथा बैचवार उत्पादों की खरीदी एवं गुणवत्ता प्रमाण-पत्र प्रस्तुत नहीं किए जाने की स्थिति सामने आई।
गुणवत्ता परीक्षण के लिए जेनिथ एग्रीजोन से छह विनिर्मित कीटनाशी उत्पादों एवं तीनों उर्वरक उत्पादों के नमूने लिए गए हैं।
प्रथम दृष्टया मिली इन कमियों के संबंध में संस्था को नोटिस जारी करते हुए एक सप्ताह के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है। साथ ही संबंधित उत्पादों के विक्रय पर 20 दिनों के लिए प्रतिबंध लगाया गया है।
ओजस एग्रो केमिकल में भी मिली अनियमितताएं
इसी क्रम में निरीक्षण दल ने ओजस एग्रो केमिकल, बिरकोनी का भी औचक निरीक्षण किया। यहां संबंधित संस्था द्वारा खरीदी रजिस्टर, गुणवत्ता प्रमाण-पत्र, नवीन निर्मित उत्पादों के गुणवत्ता प्रमाण-पत्र तथा विक्रय एवं भंडारण संबंधी जानकारी प्रस्तुत नहीं की गई।
स्टॉक पंजी का मिलान करने पर ओपनिंग एवं क्लोजिंग स्टॉक में भिन्नता पाई गई।
निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि संस्था द्वारा जैव उर्वरक के लिए आवश्यक लाइसेंस प्राप्त नहीं किया गया था।
तीन कीटनाशी उत्पादों के नमूने लिए गए
गुणवत्ता परीक्षण के लिए ओजस एग्रो केमिकल से तीन विनिर्मित कीटनाशी उत्पादों के नमूने लिए गए हैं। इन नमूनों की गुणवत्ता जांच के बाद ही संबंधित उत्पादों के संबंध में आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
अनियमितताओं को लेकर संस्था को एक सप्ताह के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के लिए नोटिस जारी किया गया है। साथ ही संबंधित उत्पादों के विक्रय पर 20 दिवस के लिए प्रतिबंध लगाया गया है।
राज्य और जिला स्तरीय टीम रही मौजूद
निरीक्षण कार्रवाई के दौरान राज्य स्तरीय दल से डॉ. सुमित सोरी, सहायक संचालक कृषि एवं रितेश मोटघरे, सहायक संचालक कृषि मौजूद रहे।
जिला स्तरीय दल में डॉ. परमजीत सिंह कंवर, सहायक संचालक कृषि, उमेश चन्द्राकर, कृषि विकास अधिकारी, ओमप्रकाश चन्द्राकर, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, भांकरदास मानिकपुरी, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी एवं अवध चन्द्राकर, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी शामिल रहे।
गुणवत्ता और नियमों के पालन पर विभाग की निगरानी
बिरकोनी स्थित दोनों कीटनाशी विनिर्माण इकाइयों में हुई कार्रवाई के बाद अब संबंधित संस्थानों द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले स्पष्टीकरण और लिए गए उत्पाद नमूनों की गुणवत्ता जांच महत्वपूर्ण होगी।
कृषि विभाग द्वारा की गई इस कार्रवाई से यह स्पष्ट है कि कृषि आदानों के निर्माण, भंडारण, गुणवत्ता और बिक्री से जुड़े नियमों के पालन को लेकर निरीक्षण की प्रक्रिया जारी है।
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