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खाद विक्रेताओं ने खोला मोर्चा, समस्याओं को लेकर अपर कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

11 मई तक होलसेलरों से खाद नहीं खरीदने का लिया सामूहिक निर्णय

महासमुंद। जिले के खाद, बीज और कीटनाशक विक्रेताओं ने अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर लामबंद होना शुरू कर दिया है। सोमवार को महासमुंद ब्लॉक खाद विक्रेता संघ की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें व्यापारियों के उत्पीड़न और कम कमीशन जैसे मुद्दों पर गंभीर चर्चा हुई। बैठक के बाद संघ ने अपनी मांगों को लेकर अपर कलेक्टर रवि साहू को ज्ञापन सौंपा।


प्रमुख मांगें और समस्याएं:
संघ के अध्यक्ष जागेश्वर जुगनू चंद्राकर एवं सचिव ईश्वर पटेल के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में विक्रेताओं ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में उन्हें व्यापार करने में कई व्यावहारिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मुख्य मांगों में कमीशन (मार्जिन) में वृद्धि, लाइसेंस प्रक्रिया को सरल बनाना, अधिकारियों द्वारा अनावश्यक दबाव और उत्पीड़न को रोकना तथा खाद आपूर्ति व्यवस्था में सुधार शामिल है। विक्रेताओं का कहना है कि वे किसानों तक खाद पहुँचाने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं, लेकिन उन्हें उचित लाभ और सुरक्षित माहौल नहीं मिल पा रहा है।
11 मई तक खरीद का बहिष्कार
अपनी मांगों के समर्थन में संघ ने एक बड़ा फैसला लेते हुए घोषणा की है कि आगामी 11 मई 2026 तक ब्लॉक का कोई भी खाद विक्रेता किसी भी होलसेलर से खाद की खरीदी नहीं करेगा। यह निर्णय प्रशासन और कंपनियों तक अपनी नाराजगी पहुँचाने के लिए सामूहिक रूप से लिया गया है।
होलसेलरों और कंपनियों के साथ होगी बैठक
संघ ने आगामी रणनीति का खुलासा करते हुए बताया कि 11 मई को महासमुंद में जिले के सभी खाद होलसेलरों और विभिन्न कंपनियों के क्षेत्रीय प्रबंधकों (RM) की एक बैठक बुलाई जाएगी। इस बैठक में समस्याओं के स्थायी समाधान पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। विक्रेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्यवाही नहीं की, तो आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित हो सकती है, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

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