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महिला सशक्तिकरण अधिनियम पर चर्चा के लिए भाजपा पार्षदों ने मोर्चा खोला

विशेष सम्मेलन की मांग


महासमुंद। महासमुंद नगर पालिका में महिला सशक्तिकरण अधिनियम (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। भाजपा पार्षदों ने छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशों का हवाला देते हुए नगर पालिका अध्यक्ष और मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) को ज्ञापन सौंपकर जल्द से जल्द ‘विशेष सम्मेलन’ बुलाने की मांग की है।
धारा 57 के तहत बैठक बुलाने पर अड़े पार्षद

नगर पालिका उपाध्यक्ष देवीचंद राठी और नेता प्रतिपक्ष नानू भाई के नेतृत्व में पार्षदों ने नगर पालिका अधिनियम की धारा 57 का प्रयोग करते हुए यह मांग रखी है। भाजपा पार्षदों का कहना है कि जहां प्रदेश की अधिकांश निकायों में इस अधिनियम पर चर्चा और निंदा प्रस्ताव पारित हो चुका है, वहीं महासमुंद नगर पालिका में इसे जानबूझकर टाला जा रहा है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों का अपमान है।
कांग्रेस के विरोध पर ‘निंदा प्रस्ताव’ लाने की तैयारी

भाजपा पार्षदों ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संसद ने महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का ऐतिहासिक बिल पारित किया है। भाजपा पार्षदों का आरोप है कि बिल पास होने के दौरान कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने जो विरोध किया था, उसके खिलाफ सदन में चर्चा और निंदा प्रस्ताव पारित करना अनिवार्य है।
ज्ञापन सौंपने वालों में ये रहे शामिल

इस मांग को लेकर एकजुट हुए पार्षदों में सुनैना पप्पू ठाकुर, सीता टोन्डेकर, जरीना हफीज कुरैषी, माखन पटेल, कल्पना सूर्यवंशी, माधुरी धनीराम यदु, प्रीति बादल मक्कड़, निश्चय पूनम चंद्राकर, चंद्रशेखर बेलदार, भारती राजेंद्र चंद्राकर, भाऊराम साहू, पीयूष साहू, शुभ्रा मनीष शर्मा और धनेश्वरी सोनाधर सोनवानी सहित अन्य जनप्रतिनिधि शामिल रहे।
पार्षदों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही विशेष सम्मेलन की तिथि घोषित नहीं की गई, तो वे लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध तेज करेंगे।
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