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जीएसटी अधिकारी से बस कंडक्टर की बदसलूकी

झलप का नाम लेकर बैठाया, बीच रास्ते में गाली-गलौज कर जड़ा थप्पड़

महासमुंद। जिले के तुमगांव रोड पर बस कंडक्टरों की मनमानी और यात्रियों से दुर्व्यवहार का एक गंभीर मामला सामने आया है। ताज्जुब की बात यह है कि इस बार शिकार कोई आम नागरिक नहीं, बल्कि बिलासपुर में पदस्थ एक जीएसटी (GST) अधिकारी हुए हैं। पीड़ित अधिकारी की शिकायत पर पुलिस ने जीरो एफआईआर (Zero FIR) दर्ज कर ली है।
क्या है पूरा मामला?

ग्राम छिलपावन निवासी अरुण सिन्हा, जो बिलासपुर में जीएसटी अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं, अवकाश पर अपने गृह ग्राम आए हुए थे। 7 मई 2026 को वे अपने पिता श्यामलाल सिन्हा के साथ निजी कार्य से महासमुंद गए थे। वापसी के दौरान महासमुंद बस स्टैंड पर खड़ी बस क्रमांक CG06GP2019 के कंडक्टर देवशरण ने उन्हें यह कहकर बस में बैठाया कि बस झलप जाएगी।
किराये को लेकर विवाद और मारपीट

पीड़ित ने बताया कि बस जब बेमचा और परसदा के बीच पहुंची, तब कंडक्टर ने अचानक कहा कि बस झलप नहीं, बल्कि केवल पटेवा तक ही जाएगी। विरोध करने पर उसने झलप तक का किराया (70 रुपये प्रति व्यक्ति) मांगना शुरू कर दिया, जो कि निर्धारित दर से अधिक था। जब अरुण सिन्हा ने शासन द्वारा तय किराये की बात की और पटेवा तक का किराया देने को कहा, तो कंडक्टर देवशरण आपे से बाहर हो गया।
आरोप है कि कंडक्टर ने चलती बस में अधिकारी के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया, गाली-गलौज की और उनके गाल पर जोरदार थप्पड़ जड़ दिया। इस दौरान बस में मौजूद उनके बुजुर्ग पिता और अन्य यात्री दंग रह गए।
पुलिस ने दर्ज किया मामला

घटना के बाद पीड़ित अरुण सिन्हा ने थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई। मामला सिटी कोतवाली महासमुंद क्षेत्र का होने के कारण पुलिस ने बिना नंबरी अपराध क्रमांक 00/01/2026 के तहत धारा 296 (गाली-गलौज), 115(2) (मारपीट) और 351(3) (धमकी) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला दर्ज कर विवेचना में लिया है।
परिवहन विभाग की चुप्पी पर सवाल

महासमुंद-तुमगांव-झलप रूट पर चलने वाली बसों में ओवरचार्जिंग और यात्रियों से बदसलूकी की खबरें अक्सर आती रहती हैं। एक जिम्मेदार पद पर बैठे अधिकारी के साथ हुई इस घटना ने बस संचालकों के हौसलों और परिवहन विभाग की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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